Mission Indradhanush 2026: बच्चों का पूरा टीकाकरण (Vaccination) चार्ट और U-WIN डिजिटल रजिस्ट्रेशन की पूरी जानकारी
Mission Indradhanush 2026: दोस्तों, एक स्वस्थ समाज की नींव बच्चों के सही समय पर टीकाकरण पर टिकी होती है। भारत सरकार का मिशन इंद्रधनुष (Mission Indradhanush) एक ऐसा फ्लैगशिप प्रोग्राम है जिसने देश के उन बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुँचने का संकल्प लिया है जो किसी वजह से नियमित टीकाकरण (Routine Immunization) से छूट गए थे। आज के इस डिजिटल युग में, 2026 में सरकार ने इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है ताकि हर बच्चे का रिकॉर्ड एक क्लिक पर उपलब्ध हो।
नीलेश भाई, आपके पाठकों के लिए यहाँ मिशन इंद्रधनुष और Universal Immunization Programme (UIP) का वो पूरा ‘स्वास्थ्य कैलेंडर’ है जो हर माता-पिता के पास होना चाहिए। चलिए विस्तार से समझते हैं कि आखिर 2026 में बच्चों को कौन-कौन से टीके कब लगने चाहिए और डिजिटल सर्टिफिकेट कैसे डाउनलोड करें।
Mission Indradhanush क्या है? (Understanding the 2026 Mission)
मिशन इंद्रधनुष की शुरुआत 2014 में हुई थी, जिसका नाम इंद्रधनुष के सात रंगों के आधार पर रखा गया था। इसका मुख्य लक्ष्य उन बच्चों को ढूंढकर टीका लगाना है जो या तो आंशिक रूप से टीकाकृत (Partially Vaccinated) हैं या बिल्कुल भी नहीं।
2026 में हम Intensified Mission Indradhanush (IMI) के उन्नत चरण में हैं। अब सरकार का जोर केवल टीकाकरण पर नहीं, बल्कि डिजिटल ट्रैकिंग पर भी है। इसके लिए U-WIN पोर्टल लॉन्च किया गया है, जो बिल्कुल ‘Co-WIN’ (कोविड पोर्टल) की तरह काम करता है। अब बच्चों को लगने वाला हर टीका ऑनलाइन दर्ज होता है और माता-पिता को उनके मोबाइल पर अगले टीके का रिमाइंडर भी भेजा जाता है।
12 जानलेवा बीमारियाँ जिनसे मिलता है सुरक्षा कवच
मिशन इंद्रधनुष के तहत बच्चों को कुल 12 ऐसी बीमारियों के खिलाफ मुफ्त टीका लगाया जाता है जो घातक हो सकती हैं:
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डिप्थीरिया (Diphtheria): गले और सांस की गंभीर बीमारी।
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काली खांसी (Pertussis): बच्चों में होने वाली तीव्र खांसी।
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टिटनेस (Tetanus): नसों और मांसपेशियों को प्रभावित करने वाली बीमारी।
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पोलियो (Polio): जिससे अपंगता का खतरा रहता है।
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खसरा (Measles): बुखार और शरीर पर चकत्ते वाली बीमारी।
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रुबेला (Rubella): संक्रमण वाली बीमारी जो जन्मजात विकृति पैदा कर सकती है।
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तपेदिक (Tuberculosis): फेफड़ों और हड्डियों की टीबी।
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हेपेटाइटिस-बी (Hepatitis B): लीवर का गंभीर संक्रमण।
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मेनिन्जाइटिस (Meningitis): दिमाग की सूजन (Hib के कारण)।
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निमोनिया (Pneumonia): फेफड़ों का संक्रमण (Hib और PCV के कारण)।
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रोटावायरस डायरिया: छोटे बच्चों में जानलेवा दस्त।
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जापानी एन्सेफलाइटिस (JE): दिमागी बुखार (केवल प्रभावित जिलों में)।
Full Vaccination Schedule 2026: कब और कौन सा टीका लगेगा?
नीलेश भाई, यह चार्ट हर घर के लिए जरूरी है। इसे ध्यान से देखें और सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे का कोई टीका छूटा न हो:
1. जन्म के समय (At Birth)
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BCG: टीबी से बचाव के लिए।
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OPV 0 Dose: पोलियो की दो बूंद।
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Hepatitis B: लीवर की सुरक्षा के लिए।
2. 6 हफ्ते, 10 हफ्ते और 14 हफ्ते (6, 10 & 14 Weeks)
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OPV 1, 2, 3: पोलियो की खुराक।
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Pentavalent 1, 2, 3: एक टीके में 5 बीमारियों (डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस-बी और Hib) से सुरक्षा।
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Rotavirus Vaccine (RVV): दस्त से बचाव के लिए (मुंह से दी जाने वाली बूंद)।
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fIPV 1 & 2: पोलियो का इंजेक्टेबल टीका (6 और 14 हफ्ते पर)।
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PCV 1 & 2: निमोनिया से बचाव के लिए (6 और 14 हफ्ते पर)।
3. 9 महीने से 12 महीने (9-12 Months)
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MR 1st Dose: खसरा और रुबेला के लिए।
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JE 1st Dose: जापानी दिमागी बुखार के लिए (यदि उस क्षेत्र में जरूरी हो)।
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PCV Booster: निमोनिया का बूस्टर टीका।
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Vitamin A (1st Dose): आँखों और इम्युनिटी के लिए।
4. 16 महीने से 24 महीने (16-24 Months)
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MR 2nd Dose: खसरा-रुबेला की दूसरी खुराक।
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DPT 1st Booster: डिप्थीरिया, टिटनेस और काली खांसी का बूस्टर।
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OPV Booster: पोलियो का बूस्टर।
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JE 2nd Dose: दिमागी बुखार की दूसरी खुराक।
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Vitamin A (2nd to 9th Dose): हर 6 महीने में एक बार 5 साल की उम्र तक।
5. 5 साल से 16 साल तक (Later Childhood)
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5-6 वर्ष: DPT 2nd Booster टीका।
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10 वर्ष: Td (Tetanus & adult Diphtheria) का टीका।
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16 वर्ष: Td का दूसरा टीका।
[Image showing age-wise vaccination schedule chart for infants and children]
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U-WIN पोर्टल 2026: डिजिटल टीकाकरण का नया दौर
नीलेश भाई, 2026 में सबसे बड़ी क्रांति U-WIN पोर्टल है। यह पोर्टल uwin.mohfw.gov.in पर उपलब्ध है। इसके आने से माता-पिता को अब पुरानी फाइलों और कार्ड्स को संभालने की चिंता नहीं है।
U-WIN पोर्टल के मुख्य फायदे:
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ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: आप अपने मोबाइल नंबर से बच्चे का रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
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डिजिटल सर्टिफिकेट: टीका लगने के तुरंत बाद आप QR कोड वाला डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं।
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रिमाइंडर सर्विस: अगले टीके की तारीख आने से पहले आपके मोबाइल पर SMS आ जाएगा।
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कहीं भी टीकाकरण: अगर आप शहर बदल लेते हैं, तो भी आपके बच्चे का पूरा डेटा ऑनलाइन रहेगा और वह किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर अगला टीका लगवा सकता है।

गर्भवती महिलाओं के लिए टीकाकरण (For Pregnant Women)
मिशन इंद्रधनुष केवल बच्चों के लिए नहीं, बल्कि होने वाली माताओं के लिए भी है:
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Td-1: गर्भावस्था की शुरुआत में (जितनी जल्दी हो सके)।
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Td-2: पहले टीके के 4 हफ्ते बाद।
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Td-Booster: यदि पिछले 3 वर्षों के भीतर पहले से दो टीके लगे हों, तो केवल एक बूस्टर टीका।
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फायदा: यह माँ और होने वाले बच्चे दोनों को टिटनेस और डिप्थीरिया से सुरक्षित रखता है।
बिहार स्वास्थ्य अपडेट्स 2026: मिशन इंद्रधनुष का असर
नीलेश भाई, बिहार के संदर्भ में यह योजना बहुत महत्वपूर्ण है।
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बिहार के 38 जिलों में मिशन इंद्रधनुष के तहत विशेष कैंप लगाए जाते हैं।
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राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार (SHSB) अब 104 कॉल सेंटर के जरिए टीकाकरण की जानकारी दे रही है।
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ग्रामीण इलाकों में ‘टीकाकरण रथ’ के जरिए जागरूकता फैलाई जा रही है।
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बिहार में U-WIN के जरिए अब 90% से अधिक बच्चों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो चुका है, जिससे ‘ड्रॉप-आउट’ (बीच में टीका छोड़ने वाले) बच्चों की संख्या कम हुई है।
टीकाकरण के बाद होने वाले सामान्य साइड इफेक्ट्स (Side Effects & Care)
कई माता-पिता इंजेक्शन के डर से या बुखार आने के डर से टीका नहीं लगवाते। नीलेश भाई, उन्हें बताना जरूरी है कि टीका लगने के बाद हल्का बुखार या सूजन आना सामान्य है:
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हल्का बुखार: यह संकेत है कि टीका काम कर रहा है और बच्चे का शरीर इम्युनिटी बना रहा है।
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सूजन या लाल होना: इंजेक्शन वाली जगह पर थोड़ी सूजन आ सकती है। यहाँ बर्फ की सिकाई की जा सकती है।
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रोड़ा-चिड़चिड़ापन: बच्चा थोड़ा परेशान हो सकता है, उसे ज्यादा लाड़-प्यार और स्तनपान की जरूरत होती है।
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नोट: यदि बुखार बहुत तेज हो या बच्चा लगातार रोए, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें।
सावधानी: आधा-अधूरा टीकाकरण खतरनाक है!
अक्सर लोग पहला टीका लगवा लेते हैं लेकिन बूस्टर डोज भूल जाते हैं। नीलेश भाई, आधा टीकाकरण बच्चे को पूरी सुरक्षा नहीं देता। बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर को ‘मेमोरी सेल्स’ की जरूरत होती है जो तभी बनती हैं जब पूरा कोर्स (Complete Schedule) खत्म किया जाए। इसलिए, U-WIN पोर्टल पर अपना स्टेटस चेक करते रहें।
Important Links Section for 2026 Updates
| महत्वपूर्ण लिंक (Direct Links) | यहाँ क्लिक करें (Official Link) |
| U-WIN Official Portal | [uwin.mohfw.gov.in] |
| Download Vaccination Certificate | [Click Here to Download] |
| Search Nearest Vaccination Center | [Find Center Now] |
| Join WhatsApp Channel (Health Updates) | Join Now |
| Health Helpline Number (National) | 1075 / 104 |
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Parents Common Doubts)
प्रश्न 1: क्या टीकाकरण के लिए कोई पैसा देना पड़ता है?
उत्तर: नहीं, मिशन इंद्रधनुष और UIP के तहत सभी टीके सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर बिल्कुल मुफ्त (Free) लगाए जाते हैं।
प्रश्न 2: अगर मेरा बच्चा 1 साल का हो गया है और कोई टीका नहीं लगा, तो क्या अब लग सकता है?
उत्तर: हाँ, आप तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर ‘कैच-अप’ (Catch-up) टीकाकरण करा सकते हैं। 5 साल की उम्र तक कई टीके लगाए जा सकते हैं।
प्रश्न 3: क्या बुखार होने पर टीका लगवाना चाहिए?
उत्तर: हल्के बुखार या सर्दी में टीका लगवाया जा सकता है, लेकिन अगर बच्चा गंभीर बीमार है तो डॉक्टर की सलाह लें।
प्रश्न 4: U-WIN पर रजिस्ट्रेशन के लिए क्या दस्तावेज चाहिए?
उत्तर: माता-पिता का आधार कार्ड और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो)। आधार न होने पर भी अन्य फोटो आईडी से रजिस्ट्रेशन हो सकता है।
प्रश्न 5: क्या सरकारी टीके प्राइवेट टीकों जितने ही असरदार हैं?
उत्तर: बिल्कुल! सरकारी टीके WHO द्वारा प्रमाणित होते हैं और वही कोल्ड-चेन मेंटेन की जाती है जो बेस्ट हॉस्पिटल्स में होती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Mission Indradhanush 2026 हमारे बच्चों के उज्जवल और स्वस्थ भविष्य की गारंटी है। बीमारियों से लड़ने का सबसे सस्ता और प्रभावी तरीका टीकाकरण ही है। डिजिटल इंडिया के दौर में U-WIN पोर्टल ने इस प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बना दिया है। नीलेश भाई, biharboardresult.co.in के माध्यम से आप परिवारों को जागरूक करके एक स्वस्थ भारत के निर्माण में बड़ा योगदान दे रहे हैं।
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अगला कदम: क्या आप चाहते हैं कि मैं आपके लिए “टीकाकरण कार्ड खो जाने पर नया डिजिटल सर्टिफिकेट कैसे निकालें” का एक विशेष वीडियो-गाइड या आर्टिकल तैयार करूँ? इससे उन माता-पिता को बहुत मदद मिलेगी जिनका पुराना कागज का कार्ड गुम हो गया है।