PM Vishwakarma Yojana 2026: कारीगरों के लिए ₹3 लाख तक का सस्ता लोन और टूलकिट, यहाँ से करें ऑनलाइन आवेदन

Updated: 17 May 2026 1 min read

PM Vishwakarma Yojana 2026: कारीगरों के लिए ₹3 लाख तक का सस्ता लोन और टूलकिट, यहाँ से करें ऑनलाइन आवेदन

भारत की संस्कृति और अर्थव्यवस्था में हमारे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों का बहुत बड़ा योगदान है। चाहे वह लकड़ी का काम करने वाला बढ़ई हो, जूते बनाने वाला मोची हो या सुंदर मूर्तियाँ बनाने वाला मूर्तिकार—इन सभी के हुनर को वैश्विक पहचान दिलाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) की शुरुआत की है। वर्ष 2026 में इस योजना को और भी अधिक प्रभावी बनाया गया है ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छोटे कारीगरों को आधुनिक मशीनें (Toolkit) और अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए बहुत ही कम ब्याज दर पर लोन मिल सके। यदि आप भी एक कारीगर हैं और अपने हुनर को एक बड़े व्यापार में बदलना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें हम आपको योजना के लाभ, पात्रता, 18 ट्रेडों की सूची और आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से बताएंगे।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2026 क्या है?

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार की एक विशेष पहल है जिसे 17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर लॉन्च किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ‘गुरु-शिष्य’ परंपरा के तहत अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों के पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देना है। 2026 में इस योजना के तहत सरकार का लक्ष्य देशभर के लाखों परिवारों को कवर करना है। यह योजना कारीगरों को न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी मदद करती है। इस योजना के माध्यम से सरकार चाहती है कि हमारे स्थानीय उत्पाद न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में ‘Local to Global’ के नारे के साथ प्रसिद्ध हों। इसमें शामिल होने वाले हर लाभार्थी को PM Vishwakarma Certificate और Identity Card भी दिया जाता है जो उनकी पहचान और कौशल का प्रमाण होता है।

योजना के मुख्य लाभ और विशेषताएं

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना केवल एक लोन योजना नहीं है, बल्कि यह कारीगरों के सर्वांगीण विकास (Holistic Development) के लिए बनाई गई है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं। सबसे पहले, लाभार्थियों को उनके कौशल को निखारने के लिए ‘कौशल सत्यापन’ के बाद 5 से 7 दिनों की बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है। जो लोग आगे बढ़ना चाहते हैं, उन्हें 15 दिन या उससे अधिक की एडवांस ट्रेनिंग भी दी जाती है। ट्रेनिंग के दौरान कारीगरों का काम न छूटे और उन्हें आर्थिक तंगी न हो, इसके लिए सरकार ₹500 प्रतिदिन का वजीफा (Stipend) भी प्रदान करती है। ट्रेनिंग पूरी होने पर अपनी पसंद की आधुनिक मशीनें या औजार खरीदने के लिए ₹15,000 का टूलकिट इंसेंटिव (Toolkit e-Voucher) दिया जाता है। इसके अलावा, व्यापार को बढ़ाने के लिए बिना किसी गारंटी के ₹3 लाख तक का लोन मात्र 5% की रियायती ब्याज दर पर मिलता है। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए हर डिजिटल ट्रांजैक्शन पर ₹1 का इंसेंटिव (अधिकतम 100 ट्रांजैक्शन तक) भी दिया जाता है।

इन 18 पारंपरिक व्यवसायों को मिलेगा लाभ

सरकार ने इस योजना के तहत कुल 18 पारंपरिक व्यवसायों (Trades) को शामिल किया है। यदि आप इनमें से कोई भी काम करते हैं, तो आप आवेदन कर सकते हैं।

  1. बढ़ई (Carpenter): फर्नीचर और लकड़ी का काम करने वाले।

  2. नाव बनाने वाले (Boat Maker): पारंपरिक लकड़ी की नाव बनाने वाले कारीगर।

  3. अस्त्र बनाने वाले (Armourer): पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र बनाने वाले।

  4. लोहार (Blacksmith): लोहे के औजार और बर्तन बनाने वाले।

  5. हथौड़ा और टूलकिट निर्माता (Hammer and Tool Kit Maker): जो लोहे के औजार बनाते हैं।

  6. ताला बनाने वाले (Locksmith): तालों की मरम्मत और निर्माण करने वाले।

  7. मूर्तिकार (Sculptor/Stone Carver): पत्थर और धातु की मूर्तियाँ बनाने वाले।

  8. सुनार (Goldsmith): सोने और चांदी के गहने बनाने वाले।

  9. कुम्हार (Potter): मिट्टी के बर्तन और सामान बनाने वाले।

  10. मोची (Cobbler/Shoesmith): जूतों का निर्माण और मरम्मत करने वाले।

  11. राजमिस्त्री (Mason): घर और इमारत बनाने वाले मिस्त्री।

  12. डलिया, चटाई और झाड़ू बनाने वाले (Basket/Mat/Broom Maker): पारंपरिक बुनाई करने वाले।

  13. गुड़िया और खिलौना निर्माता (Doll & Toy Maker): पारंपरिक लकड़ी या कपड़े के खिलौने बनाने वाले।

  14. नाई (Barber): बाल काटने और सौंदर्य सेवा देने वाले।

  15. मालाकार (Garland Maker): फूलों की माला और सजावट का काम करने वाले।

  16. धोबी (Washerman): कपड़ों की धुलाई और प्रेस करने वाले।

  17. दर्जी (Tailor): सिलाई का काम करने वाले।

  18. मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले (Fishing Net Maker): जो जाल बुनते हैं।

₹15,000 का टूलकिट प्रोत्साहन और ₹500 दैनिक भत्ता

हुनर के साथ-साथ अच्छे औजार होना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका टूलकिट प्रोत्साहन (Toolkit Incentive) है। जब कोई कारीगर अपनी बेसिक स्किल ट्रेनिंग पूरी कर लेता है, तो सरकार उसे ₹15,000 का ई-वाउचर प्रदान करती है। इस वाउचर का उपयोग करके कारीगर अपने ट्रेड से संबंधित आधुनिक मशीनें खरीद सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक दर्जी सिलाई मशीन खरीद सकता है, या एक बढ़ई आधुनिक आरा मशीन ले सकता है। इसके साथ ही, ट्रेनिंग की अवधि के दौरान कारीगर को काम के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार हर दिन ₹500 का स्टाइपेंड देती है। यह पैसा सीधे उनके आधार से लिंक बैंक खाते में जमा किया जाता है। इससे कारीगरों को बिना किसी आर्थिक दबाव के नई तकनीक सीखने का मौका मिलता है।

₹3 लाख तक का सस्ता लोन: ब्याज दर और किस्तें

व्यवसाय को विस्तार देने के लिए पूंजी की आवश्यकता होती है। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों को दो किस्तों में लोन दिया जाता है। पहली किस्त (First Tranche): ट्रेनिंग पूरी करने के बाद आपको ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) का लोन मिलता है। इसे चुकाने के लिए आपको 18 महीने का समय दिया जाता है। दूसरी किस्त (Second Tranche): यदि आप पहली किस्त का भुगतान समय पर कर देते हैं और अपने डिजिटल ट्रांजैक्शन को सक्रिय रखते हैं, तो आप ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) के अतिरिक्त लोन के लिए पात्र हो जाते हैं। इसे चुकाने के लिए 30 महीने का समय मिलता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस लोन पर ब्याज की दर बहुत ही कम यानी केवल 5% है। बाकी के ब्याज का भुगतान (Interest Subvention) केंद्र सरकार खुद करती है। इसके लिए आपको किसी भी प्रकार की गारंटी (Collateral) देने की जरूरत नहीं है, यह पूरी तरह से कोलैटरल फ्री लोन है।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2026 के लिए पात्रता

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी पात्रता शर्तें तय की गई हैं। आवेदन करने वाला व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए और उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। वह ऊपर बताए गए 18 ट्रेडों में से किसी एक में पारंपरिक रूप से संलग्न (Engaged) होना चाहिए। एक परिवार में केवल एक सदस्य ही इस योजना का लाभ ले सकता है (परिवार का अर्थ पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे हैं)। इसके अलावा, आवेदक पिछले 5 वर्षों में केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना (जैसे PMEGP, PM SVANidhi, Mudra Loan) के तहत ऋण न लिया हो। सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति या उनके परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र नहीं हैं। यह योजना मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो असंगठित क्षेत्र (Unorganized Sector) में स्वरोजगार कर रहे हैं।

जरूरी दस्तावेज (Documents Required)

ऑनलाइन आवेदन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज तैयार हैं। आधार कार्ड (Aadhar Card): यह आपकी पहचान और पते का मुख्य प्रमाण है। सक्रिय मोबाइल नंबर: जो आपके आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए, क्योंकि इस पर ओटीपी (OTP) आएगा। बैंक खाता विवरण (Bank Details): बैंक पासबुक की फोटोकॉपी या कैंसल चेक, ताकि स्टाइपेंड और लोन की राशि जमा हो सके। राशन कार्ड (Ration Card): परिवार की पात्रता की जांच के लिए राशन कार्ड अनिवार्य है (यदि राशन कार्ड नहीं है, तो परिवार के सभी सदस्यों के आधार नंबर देने होंगे)। निवास प्रमाण पत्र: जो यह साबित करे कि आप उसी क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो): एससी/एसटी या ओबीसी श्रेणी के लिए। व्यवसाय का प्रमाण: अपने काम से संबंधित कोई फोटो या अनुभव का विवरण।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें: स्टेप-बाय-स्टेप रजिस्ट्रेशन

पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है और इसे CSC (Common Service Center) के माध्यम से किया जाना चाहिए। आप घर बैठे खुद भी पोर्टल पर जानकारी देख सकते हैं, लेकिन अंतिम आवेदन के लिए आपको बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की जरूरत होगी। Step 1: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाएं। Step 2: होमपेज पर ‘How to Register’ सेक्शन देखें। आपको अपने नजदीकी CSC सेंटर पर जाना होगा क्योंकि इसमें बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (अंगूठे का निशान) अनिवार्य है। Step 3: मोबाइल नंबर और आधार का ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा करें। Step 4: ‘Artisan Registration Form’ भरें, जिसमें आपको अपना ट्रेड (व्यवसाय), बैंक डिटेल्स और परिवार की जानकारी देनी होगी। Step 5: फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको एक एक्नॉलेजमेंट नंबर (Acknowledgement Number) मिलेगा। Step 6: आपका आवेदन पहले ग्राम पंचायत (ग्रामीण क्षेत्र) या नगर निकाय (शहरी क्षेत्र) के स्तर पर वेरीफाई किया जाएगा, उसके बाद जिला कमेटी और फिर राज्य कमेटी इसे अप्रूव करेगी। अप्रूवल मिलने के बाद आपको ‘PM Vishwakarma Digital ID’ और ‘Certificate’ जारी कर दिया जाएगा।

मार्केटिंग और डिजिटल इंसेंटिव सपोर्ट

सरकार केवल पैसा और ट्रेनिंग ही नहीं देती, बल्कि आपके उत्पादों को बेचने में भी मदद करती है। योजना के तहत कारीगरों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (जैसे Amazon, Flipkart, GeM पोर्टल) पर अपने उत्पाद सूचीबद्ध करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। सरकार ट्रेड फेयर, प्रदर्शनी और अन्य मार्केटिंग कार्यक्रमों के जरिए कारीगरों के ब्रांड को प्रमोट करती है। इसके अलावा, डिजिटल इंडिया मिशन को बढ़ावा देने के लिए, यदि कोई कारीगर डिजिटल भुगतान (QR Code या UPI) के जरिए पैसे लेता है, तो सरकार उसे प्रति ट्रांजैक्शन ₹1 का इनाम देती है। यह पैसा सीधे उसके खाते में महीने के अंत में जमा किया जाता है। इससे छोटे कारीगरों को डिजिटल युग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने में मदद मिलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: क्या पीएम विश्वकर्मा योजना का लोन चुकाना जरूरी है? Ans: हाँ, यह एक व्यावसायिक लोन है जिसे 5% ब्याज दर के साथ चुकाना होगा। समय पर भुगतान करने पर आपको दूसरी किस्त (₹2 लाख) आसानी से मिल जाती है।

Q2: ट्रेनिंग कहाँ होगी? क्या मुझे कहीं बाहर जाना होगा? Ans: ट्रेनिंग आमतौर पर आपके जिले के नजदीकी कौशल विकास केंद्र (Skill Development Center) या आईटीआई (ITI) में आयोजित की जाती है। इसकी जानकारी आपको आवेदन अप्रूव होने के बाद एसएमएस (SMS) के जरिए दी जाएगी।

Q3: टूलकिट के ₹15,000 कैश मिलते हैं? Ans: नहीं, यह पैसा कैश नहीं मिलता है। सरकार आपको ई-वाउचर (e-Voucher) प्रदान करती है, जिसे आप अधिकृत वेंडर्स के पास ले जाकर अपनी जरूरत की मशीनें और औजार खरीद सकते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2026 हमारे देश के उन ‘अदृश्य इंजीनियरों’ के लिए है जो अपने हाथों के जादू से समाज की जरूरतों को पूरा करते हैं। ₹3 लाख का सस्ता लोन, ₹15,000 का टूलकिट और आधुनिक ट्रेनिंग—यह सब मिलकर एक कारीगर को उद्यमी (Entrepreneur) बनाने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। यदि आप भी एक बढ़ई, राजमिस्त्री, दर्जी या किसी भी पारंपरिक पेशे से जुड़े हैं, तो बिना देर किए अपने नजदीकी CSC सेंटर जाएं और इस योजना का लाभ उठाएं। यह न केवल आपके व्यापार को बढ़ाएगा, बल्कि आपके परिवार को भी आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा।

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NILESH KUMAR

Sarkari Yojana Expert | Policy Researcher

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